Real Hindi Love Story by Rajveer Gaur Part-1

Name: Rajveer Gaur

नमस्कार दोस्तों ।
दोस्तों एक बात मैं साफ़ साफ़ कह देता हूँ , की ये स्टोरी बहुत लंबी जाने वाली है इसीलिए अगर आप फुर्सत में है तभी पढ़े । और ये मेरी पहली कहानी है तो भूल-चूक हो जाये तो कृपया क्षमा करें ।
अब मैं अपनी स्टोरी पे आता हूँ ।

मेरा नाम है राजवीर (बदला हुआ नाम) , मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ , और अभी पांचवे सेमेस्टर में हूँ ।

मैं अपने पापा का लाडला छोरा था , हमारे पिताजी गांव के नामी-गामी रहीस हैं । गांव में उनकी बहुत चलती है ,
बात 2 साल पुरानी है ,
जब मैं 18 साल का हुआ तो मेरे बर्थडे पे मेरे पापा ने मुझे एक नयी बाइक BAJAJ AVENGER  गिफ्ट में दी , जो मैं बाहुत दिनों से चाहता था , मैं बाइक से ही कॉलेज जाता था ।
मेरे एक चचेरे भैया हैं  उनकी पत्नी यानी मेरी भाभी से मेरी बहुत बनती है , बने भी न कैसे मज़ाक का रिश्ता है भाई । एक बार उनकी बहन जो देखने में एकदम दीपिका पादुकोण की तरह लगती है , उसका नाम श्वेता (बदला हुआ नाम) था । वो उनके यहाँ आयी , खैर उस टाइम तक मेरा उस में कोई इंटरेस्ट नही था , बस थोड़ा बहुत मज़ाक उस से भी हो जाता था , जब भी मैं अपनी बाइक ले के कॉलेज के लिए निकलता था तब वो अपने गेट पे खड़ी मेरी ओर देख के मुस्कुराती रहती थी ,
वो 10-15 दिन के लिए एग्जाम देने आई थी , सो वो एग्जाम ख़तम होने के बाद चली गयी ।
मेरी लाइफ बस नार्मल चल रही थी ,
एक दिन मैंने देखा की मेरे फेसबुक आईडी पे एक जाने-पहचाने नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आयी । पर कुछ कारण से मैंने उसे वेटिंग में डाल के छोड़ दिया । लगभग 2-3 दिन बाद मैं यूँ ही बैठा बैठा फेसबुक यूज़ कर रहा था तभी मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट की याद आयी , मैंने चेक किया तो वो श्वेता ही थी ।
मैंने उसका रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर के WELCOME लिख के मैसेज कर दिया ,
फिर मैं अपने काम में बिजी हो गया , रात में मुझे नींद नही आ रही थी सो मैंने सोंचा की थोड़ा फेसबुक यूज़ कर लिया जाये , तभी उसका मैसेज दिखा  \”इतना जल्दी पहचान गये\”
मैंने भी रिप्लाई किया \”क्यों नहीं पहचानेंगे भाभी से मार खाना है क्या \”
फिर हमारी ऐसे ही बाते होने लगी ,

वो मुझे आप कह के बोलती थी  जो की मुझे बिलकुल पसंद नही था ।
खैर अब उस से रोज़ बाते होने लगी  आलम तो यह हो गया कि मुझे उसके मैसेज का इंतज़ार रहने लगा था । फिर धीरे-धीरे  हमलोग व्हात्सप्प पर भी चैट करने लगें ।
फिर धीरे धीरे मुझे उसकी आदत होने लगी ।
रोज़ सबसे पहले उठ के उसको मैसेज करना रात में देर रात तक उसी से चैट करना ।
उसके बिना हालात खराब होने लगती थी ।
पर मुझे इस टाइम पे पता नही चला की ये प्यार की शुरुआत है ।

एक दिन वो बोली की तुम मेरे बेस्ट फ्रेंड हो ,
सुन के कसम से बड़ी अच्छी फीलिंग आयी ।
एक दिन बातों ही बातों में उसने बोला की इस बार छठ पर्व में मुझे फिर आपके गांव आना है , मेरे भैया और मम्मी सब आएंगे  , पता नही क्यों पर मैं बहुत खुश हो गया ,
दिल एकदम जोर जोर से धड़कने लगा । अब मुझे हर पल उसी का इंतज़ार रहने लगा , पढाई में एकदम मन नहीं लगता था ।
10 दिन बाद छठ था मेरे यहाँ हर साल छठ बहुत हर्षोल्लाष के साथ मनाया जाता है । इस बार हमारी भाभी भी छठ करने वाली थी तो इसीलिए श्वेता और उसकी मम्मी और भैया भी आने वाले थे । मैं बहुत एक्साईटेड था ,
अभी 2 दिन ही बीते होंगे की हमारे एक दूर के रिश्तेदार की आकस्मित मौत हो गयी , और इस बार छठ पूजा का मनाना कैंसिल हो गया ।
और साथ में उसका आना भी ।
कसम से बहुत गुस्सा आ रहा था ।
मैंने रात में उसको बताया कि अब तुम्हारा यहाँ आना कैंसिल ।
वो भी बहुत निराश हुयी । और मुझे भी बुरा लग रहा था कि अब वो नहीं आ रही है ,
गुस्सा तो बहुत आ रहा था पर अब किया भी क्या जा सकता था ,
उस दिन ज्यादा बात नही हुयी , उसके अगले ही दिन उसने बताया की मुझे उसकी सबसे बड़ी दीदी के यहाँ जाना है उनके यहाँ छठ होगा तो वहाँ जाना जरुरी है ।
मैं बोला  की कब जाना है , तो बोली की छठ के 2 दिन पहले ।
फिर उस दिन ज्यादा बातें नही हुयी , क्योंकि मेरे मूड की तो बैंड बजी हुयी थी ।
फिर अब नॉर्मली बाते होने लगी , फिर उसके जाने के 1 दिन पहले रात को एक चमत्कार हुआ जिसकी मुझे कल्पना भी नही थी ।
रात को व्हात्सप्प पे चैट करते-करते  मुझे नींद आने लगी , मैंने बोला की अब मुझे नींद आ रही है , आपकी इजाजत हो तो क्या मैं सोने जाऊ ।
तो उसने बोला \”अरे रुको न यार , कल तो मैं चली ही जाउंगी फिर 5-6 दिन बाद बात होगा , क्योंकि गांव में नेटवर्क रहेगा नहीं ।
मुझे उस टाइम थोड़ा अजीब लगा , फिर मैंने उस से 2 मिनट वेट करने को कहा और जा के अपना मुंह ठंडा पानी से धोया और वापिस आया , नींद से छुटकारा पाने के लिए ।
फिर थोड़ी देर इधर-उधर की बाते होती रही फिर एकाएक उस ने बोला की \”तुम मेरे लिए कुछ ख़ास बन गए हो\”
मैं शॉक्ड हो गया फिर भी अनजान बनते हुए उस से पूछा -\”क्या बन गया हूं\”
तो उसने बोला -\”तुम्हे नही लगता कि हम दोस्त से ज्यादा कुछ बन गए हैं , अब हम दोनों को एक दूसरे की आदत हो गयी है , किसी को भी एक दूसरे के बिना चैन नहीं मिलता \”
मैंने बोला-\”हाँ बात तो सही है \”
तो वो बोली-\” तो बोल दो न\”
मैं बोला-\” क्या बोलूं\”
श्वेता बोली-\” बोल दो न जरा दिल में जो है छुपा\”

अब समझ में तो मुझे भी कुछ कुछ आ रहा था पर मैं जान बूझ के अंजान बन रहा था , मेरे दिल के धड़कने की स्पीड लिमिट क्रॉस कर चुकी थी , मेरे बदन का टेम्परेचर हाई हो रहा था ।

कुछ सूझ नही रहा था कि क्या बोलू , एकदम दिमाग सन्न हो गया था ,
फिर मैंने हिम्मत कर के रिप्लाई किया
\”क्या मतलब तुम्हारा\”
तब उसने भी रिप्लाई किया \”अब बोल भी दो \”
मैंने रिप्लाई किया \”क्या सच में तुम्हारे दिल में भी मेरे लिए फीलिंग्स है \”
तो वो बोली -\”कब से तो यही समझने की कोशिश कर रही थी बुद्धू\”

अब तो मैं कन्फर्म हो चूका था , पर मैं उसके मुंह से वो तीन मैजिकल वर्ड्स सुनना  चाहता था ।
तो
मैंने बोला की तुम बोलो
तो वो बोली-\”की मुझे शर्म आती है , तुम बोलो पहले\”
पर मैंने बोला -\”लेडीज फर्स्ट \”
थोड़ी देर के लिए एक खामोशी छा गयी , मुझे लगा की शायद उसे मेरी बातों का बुरा लगा ।
फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे \”I LOVE YOU WITH MY ALL HEARTS\” लिख के रिप्लाई किया ,

मैं बता नही सकता सुन के कितनी ख़ुशी मिल रही थी , उस टाइम की ख़ुशी को डिफाइन नही किया जा सकता , मैंने भी उसे \”LOVE U TOO\” लिख के रिप्लाई किया ।
फिर दिन बहुत सी बातें की हम दोनों ने , और रात को या सुबह ही कहिये 4 बजे सोये ।

अगले दिन वो सवेरे ही चली गयी ।
उस से बात भी नही हो पा रही थी अब मेरा जीना मुश्किल हो रहा था , कोई काम में मन ही नहीं लग रहा था ,
बस अकेला बैठा रहता था ।
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क्षमा चाहता हूँ मित्रों , आगे की कहानी जल्द ही अगले अंक के द्वारा प्रस्तुत करूँगा वादा रहा ।

धन्यवाद

 

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